गुरु पूर्णिमा – 10 जुलाई 2025 (गुरुवार) गुरु-शिष्य परंपरा में महत्वपूर्ण, पवित्र व्रत, जो महर्षि वेद व्यास की भूमिका को भी सम्मानित करता है
हरियाली तीज – 27 जुलाई 2025 (रविवार) व्रत-त्योहार उन महिलाओं द्वारा मनाया जाता है जो भगवान शिव और पार्वती की कृपा से सुखद वैवाहिक जीवन की कामना करती हैं ।
नाग पंचमी – 29 जुलाई 2025 (मंगलवार) यह व्रत नागदेवताओं की पूजा के लिए समर्पित है; काली सर्प दोष से मुक्ति एवं सुरक्षा हेतु किया जाता है ।
दशामा व्रत – 24 जुलाई 2025 खास तौर पर गुजरात क्षेत्र में मां दशामा की स्तुति हेतु 10‑दिवसीय व्रत आरंभ होता है
श्रावण माह (सावन) व सोमवारी उपवास
सावन (श्रावण) मास – 11 जुलाई से 9 अगस्त 2025 तक चलने वाला पवित्र महीना, जिसमें सोमवार को उपवास विशेष फायदेमंद माना जाता है ।
सावन की सोमवारें –
14 जुलाई (पहली सोमवारी)
21 जुलाई
28 जुलाई (इसके अतिरिक्त अगली सोमवारी 4 अगस्त.)
अन्य महत्वपूर्ण तिथि-सरणियाँ
देवशयन व्रत / शायनी एकादशी – 6 जुलाई 2025, रविवार
शुक्रवार‑प्रदोष व्रत – 8 जुलाई
कन्या प्रदोष व्रत – 22 जुलाई
चतुर्थी व्रत (सोमवार) – 28 जुलाई
🔱 विशेष जानकारी:
पूरे श्रावण मास में – भगवान शिव की पूजा, जलाभिषेक, रुद्राभिषेक आदि करने से विशेष पुण्य मिलता है।
प्रत्येक सोमवार को व्रत और शिव मंदिर में दर्शन अत्यंत फलदायक माने जाते हैं। ✅ कुल मिलाकर: ये दिन आपके लिए क्यों खास?
10 जून के बाद 11 जुलाई से साज‑श्रावण—श्रावण मास में उपवास, पूजा-अर्चना अत्यंत फलदायी माने जाते हैं।
हर सोमवार (14,21,28 जुलाई) शिवपूजन व चैन उपवास करने के लिए उत्तम।
10 जुलाई (गुरु पूर्णिमा) गुरु-शिष्य आस्था का प्रमुख पर्व।
27–29 जुलाई: हरियाली तीज और नाग पंचमी का तीन दिवसीय पवित्र चक्र।
24 जुलाई: दशामा व्रत से निश्चित आय और सौभाग्य हेतु दर्शन-पाठ।
गुरु पूर्णिमा 2025 का महत्व, पूजा विधि, परंपराएं और आज के युग में इसकी भूमिका को विस्तार से जानें। जानिए कैसे यह पर्व गुरु के प्रति सम्मान और आत्मविकास का प्रतीक है।